July 7, 2022

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गोण्डा 23 मई*यूपी आजतक न्यूज़ से गोण्डा की खास खबरे

[23/05, 11:24 AM] Sarita Chandra Maurya Gonda: *कौड़िया थाना क्षेत्र अन्तर्गत आर्यनगर-कर्नलगंज मार्ग पर हुऐ सड़क हादसे में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत* कर्नलगंज/गोण्डा। तहसील क्षेत्र के कौड़िया थाना क्षेत्र अन्तर्गत शनिवार के दिन दोपहर आर्यनगर-कर्नलगंज मार्ग पर हुऐ सड़क हादसे में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार कौड़िया थाना क्षेत्र के बेलवाभान गांव से बारातियों को वापस लेकर बस बहराईच जा रही थी। तभी आर्यनगर – कर्नलगंज मार्ग पर कौड़िया थाना क्षेत्र के शुक्ल कौड़िया गांव के पास बस में बैठा एक व्यक्ति खिड़की से बाहर अपनी गर्दन को निकाले था।बस चालक द्वारा लापरवाही से ओवरटेक करने के चक्कर में बस सड़क किनारे लगे बिजली के खम्भे से रगड़ते हुई निकली।जिससे बस में बैठे व्यक्ति का गला कट गया। बस चालक मौका देखकर भाग निकला। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान मिकई पुत्र हकीम निवासी कलुवापुर बढ़ईपुरवा थाना रानीपुर जनपद-बहराइच के रूप में की गई है। जिसकी आयु लगभग 20 वर्ष है। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा बस को कब्जे में ले लिया गया है।मृतक के पिता हकीम की तहरीर पर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।शव को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। बस चालक की तलाश की जा रही है।
[23/05, 11:24 AM] Sarita Chandra Maurya Gonda: *हादसे में सवारियों से भरी जायलो खाई में गिरकर चकनाचूर*

# जाको राखे साइयां मार सके न कोय की तर्ज पर हुए हादसे के समय गाड़ी में बैठे लोग बाल बाल बचे जिन्हें हल्की-फुल्की आयी चोटें#

कर्नलगंज/ गोंडा ।। स्थानीय क्षेत्र कर्नलगंज अन्तर्गत कर्नलगंज शाहपुर धनावा मार्ग पर शाहपुर की ओर से तेज रफ्तार से कर्नलगंज की तरफ जा रही जायलो गाड़ी ग्राम कचनापुर स्थित सीरपुरवा गांव के पास मुख्य मार्ग पर अनियंत्रित होकर एक पेड़ से टकराकर सड़क से करीब 25 फुट नीचे खाई में गिर गई। बताया जाता है कि उक्त हादसा इतना भयानक था कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया परन्तु गाड़ी में बैठे लोग बाल बाल बच गये, जिन्हें मामूली चोटें आई। घटना की जानकारी होने पर पहुंचे स्थानीय लोगों द्वारा वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था कराई गई। आसपास के लोगों प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार दुर्घटना के समय गाड़ी में कई लोग सवार थे और सभी लोग सकुशल बच गये। उक्त घटना में “जाको राखे साइयां मार सके न कोय,बाल‌ ना बांका कर सके चाहे सब जग बैरी होय” वाली कहावत सटीक बैठती है।
[23/05, 11:24 AM] Sarita Chandra Maurya Gonda: *कर्नलगंज में लाकडाउन को ठेंगा दिखा प्रशासन और व्यापारी की गठजोड़ से बाहर बंद अंदर खुली दुकानों से आपदा को अवसर में बदलने का खेल जारी,मची लूट*
………………………………….. # पत्रकारों से बातचीत में उपजिलाधिकारी कर्नलगंज के बिगड़े बोल- कहा कि जब व्यापारी मंहगे दामों में सामान बेच रहे हैं तो लोग क्यों खरीद रहे हैं? ना खरीदें ! # #आदेश न होने के बावजूद दुकानें खोलने के बारे में उन्होंने कहा कि ठीक है, दो चार लोगों पर कार्रवाई कर दूंगा## ………………………….. *कर्नलगंज/गोंडा ।।* कोरोना संक्रमण महामारी के दौरान इस वर्ष लगाये गये लाकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के सारे नियम कानूनों को कर्नलगंज के बड़े व्यापारियों ने ताक पर रख दिया है और अधिकारियों द्वारा भी सब कुछ संज्ञान में होने के बावजूद नजरंदाज किया जा रहा है जिससे आम आदमी को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है और लाकडाउन लगाने के शासन के उद्देश्यों पर भी पानी फिर रहा है।
मालूम हो कि बीते माह से कोरोना महामारी से बचाव के लिए शासन द्वारा पूरे प्रदेश में लॉकडाउन कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। परन्तु कर्नलगंज कस्बे में व्यापारियों द्वारा व आसपास के क्षेत्रों में दुकानदारों इसका पालन किया जा रहा है न प्रशासन ही शासन के आदेशों का पालन कराने में कोई विशेष रूचि दिखा रहा है। कोरोना काल में जहां मात्र आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खोलने की अनुमति दी गयी है वही कर्नलगंज में सभी प्रकार की दुकानें खुल रही हैं। वैसे तो लोग सारा दोष छोटे दुकानदारों पर मढ़ देते हैं लेकिन यहां तो बड़े दुकानदार ही सारी व्यवस्था बिगाड़ने में लगे हुए हैं। जिन बड़े व्यापारियों की दुकान और घर एक ही में है उनके लिए इस अवधि में बिक्री करना कोई कठिन काम नहीं है लेकिन जिनके दुकान और घर अलग-अलग हैं वे भी आपदा को अवसर में बदलने में नहीं चूक रहे हैं और सरेआम जमकर लूट खसोट मचाते हुए काफी मात्रा में स्टाक कर रखे घटिया पुराने गुणवत्ता विहीन सामानो को भी लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर मंहगे दामों में बेचकर खपाने से गुरेज नही कर रहे हैं और कई व्यापारी तो अपने सामानों की बिक्री वर्तमान समय में दुकान से न करके अब गोदामों से भी कर रहे हैं। ऊपर से तुर्रा यह कि लाकडाउन के नाम पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूल रहे हैं और ग्राहक के विरोध करने पर उनसे ऐंठ भी दिखाई जा रही है। बड़े दुकानदारों से महंगा सामान खरीदने के बाद उसे और महंगा बेचना छोटे दुकानदारों की विवशता है। वर्तमान समय में सहालग चल रही है। ऐसे में शादी विवाह के लिए सामान खरीदना लोगों की मजबूरी है और इसी मजबूरी का लाभ उठाकर यहां के व्यापारी अपनी तिजोरियां भरने में लगे हुए हैं। इस आशय की जानकारी उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक को पत्रकारों द्वारा दिये जाने पर उन्होंने अपने दायित्वों के अनुरूप गंभीरता से संज्ञान ना लेकर कोई कार्रवाई करने का आश्वासन देने के बजाय गैरजिम्मेदाराना तौर से कहा कि आप महंगे दामों में सामान क्यों खरीद रहे हैं,ना खरीदें। आदेश न होने के बावजूद दुकानें खोलने के बारे में उन्होंने कहा कि ठीक है, दो चार लोगों पर कार्रवाई कर दूंगा। एक जिम्मेदार अधिकारी के यह शब्द सुनकर पत्रकार हतप्रभ रह गये। ऐसे में कर्नलगंज में कोरोना प्रोटोकॉल का कितना पालन हो रहा होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। अब गंभीर सवाल यह है कि जब जिम्मेदार आलाअधिकारी और प्रशासन ही मूक दर्शक होकर उक्त भ्रष्टाचरित कार्य कालाबाजारी को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं तो आम जनता को शोषण लूट खसोट से छुटकारा कैसे मिलेगा??
[23/05, 11:45 AM] Sarita Chandra Maurya Gonda: सुप्रीम कोर्ट द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को रोक लगाना समझ से परे है क्योंकि इस महामारी के समय हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के गांव कस्बों में कार्य करने की शैली पर जो सवाल उठाए थे और चिकित्सा व्यवस्था के लिए गांव में युद्ध स्तर पर काम करने के लिए सरकार को आदेश दिया था उससे गांव के लोगों में एक आशा जगी थी माननीय इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन उत्तर प्रदेश सरकार करेगी और बड़े दिनों बाद गांव की चिकित्सा व्यवस्था में सुधार होगा इसका लाभ भी गांव के लोगों को मिलेगा! लेकिन इसके उलट हुआ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई और सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी जिससे लोगों में निराशा हुई क्योंकि इस महामारी में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार की नाकामी ने लोगों को गांव की तरफ तो लौटा दिया लेकिन गांव में अगर अच्छी स्वास्थ्य संबंधी चिकित्सा व्यवस्था ना हुई और अच्छी एजुकेशन व्यवस्था ना होगी तो सरकारें लाख प्रयास कर ले लोगों का पलायन गांव से नहीं रुकेगा जो अनवरत शहरों की तरह चलता रहेगा l

Adv o.p.rathore
Jila adhyaksh (OBC mahasabha,)
Mahoba