July 5, 2022

UPAAJTAK

TEZ KHABAR

गोंडा 06 जून *ब्लाक परसपुर में गाँव सभा राजापुर के सदस्य पद चुनाव हेतु सभी लोगों को नहीं किया गया नामांकनपत्र विक्रय,समय से काफी पूर्व ही नामांकन पत्रों के देने पर लगा प्रतिबंध

गोंडा 06 जून *ब्लाक परसपुर में गाँव सभा राजापुर के सदस्य पद चुनाव हेतु सभी लोगों को नहीं किया गया नामांकनपत्र विक्रय,समय से काफी पूर्व ही नामांकन पत्रों के देने पर लगा प्रतिबंध। …………………………….# राजनैतिक दबाव में चुनाव लड़ने से वंचित करने का है मामला। वर्तमान प्रधान को सभी वार्डों का पर्चा देकर कार्य बंद। (पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 6 जून 2021 को शाम पांच बजे तक पर्चा खरीद और जमा होने की अपनाई जानी थी प्रक्रिया )। ……………………………. *कर्नलगंज/गोंडा*।। जिला निर्वाचन अधिकारी और डीएम मार्कण्डेय शाही कितनी भी अपनी पीठ थपथपा लें पर उनके अधीनस्थ अधिकारी किसी भी आदेश व निर्देश को ठेगें पर रखते हुए अपनी मनमानी निरंकुश कार्यप्रणाली से बाज नहीं आ रहे हैं।
*ताजा मामला तहसील क्षेत्र कर्नलगंज के परसपुर ब्लॉक का है जहाँ रिक्त पदों पर ग्राम पंचायत चुनाव होने हैं*।
ब्लॉक परसपुर में गाँव सभा राजापुर का सदस्य पद हेतु सभी लोगों को नामांकन पर्चा ही नहीं दिया गया और यह कह कर मना कर दिया गया कि पर्चा नहीं है, सब पद निर्विरोध होगें! जबकि वर्तमान प्रधान को सभी वार्डों का पर्चा दिया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक विकास खण्ड परसपुर में राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते खण्ड विकास अधिकारी व आर० ओ की मिलीभगत से ग्राम पंचायत सदस्य पद हेतु नामांकन पत्र वितरण कार्य बन्द करा दिया गया है और मौजूद अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा कहा जा रहा है कि हमें जिलाधिकारी गोण्डा द्वारा नामांकन पत्र बेचने से रोका गया है। कारण यह कि किसी भी ग्राम पंचायत सदस्य पद पर चुनाव न कराने का निर्देश हमे मिला हुआ है। ऐसी स्थिति में गंभीर प्रश्न यह है कि यदि ऐसा ही होना है तो इतना बड़ा प्रोपोगंडा करने की क्या जरूरत थी ?? और चुनाव प्रक्रिया क्यों और उस पर इतना सरकारी धन खर्च क्यों किया जा रहा है।
जबकि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 6 जून 2021 को शाम पांच बजे तक पर्चा खरीद और जमा होने की प्रक्रिया अपनाई जानी थी। नियम निर्देशों के विपरीत मनमाना कृत्य करते हुए यहाँ तैनात आर.ओ० किसी के दबाव या लाभ के चक्कर में लोगों को नामांकन पत्र विक्रय ना करके नहीं दे रहे हैं ।
जहां प्रधान को सभी सदस्य के नामांकन पत्रों को बड़े आराम से एकमुश्त दिया जा रहा है वहीं अन्य लोगों को नामांकन पत्र विक्रय ना करने से जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा सरेआम चुनाव आयोग के निर्देशों एवं आचार संहिता का उल्लंघन कर धज्जियां उड़ाते हुए लोगों को चुनाव लड़ने से वंचित कर अनुचित लाभ पहुंचाते हुए चुनाव लड़ने से वंचित किया जा रहा है।जबकि जिले के तेजतर्रार कहे जाने वाले जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही भी उक्त लोगों के सामने बेबस हैं अथवा कभी कभार कुछ गिने चुने लोगों पर तेवर दिखाते हुए उनके द्वारा सुर्खियों में बने रहकर जानबूझकर मूकदर्शक की भूमिका में निरंकुश कार्यप्रणाली को बढ़ावा दिया जाना प्रतीत हो रहा है। जो लोकतंत्र के लिए अशुभ संकेत है।
*अब देखना होगा जिलाधिकारी इस पर क्या तेवर दिखाते हैं और लाभकारी निरंकुश अधिकारी और उनके संरक्षण में राजनीतिक लोग जीतते हैं या आम जनता जिन्हें नामांकन पत्र नहीं दिया गया।

You may have missed