July 7, 2022

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इटावा 25 मई*सैफई मेडीकल यूनिवर्सिटी में बन रहे आक्सीजन प्लांट का कार्यवाहक कुलपति ने निरीक्षण किया

इटावा 25 मई*सैफई मेडीकल यूनिवर्सिटी में बन रहे आक्सीजन प्लांट का कार्यवाहक कुलपति ने निरीक्षण किया

नया आक्सीजन प्लांट 1000 लीटर क्षमता का होगा- प्रो0 रमाकान्त यादव

(सुघर सिंह सैफई )

सैफई (इटावा) कोविड -19 की दूसरी लहर के मध्य विश्वविद्यलय में बन रहे दूसरे आक्सीजन प्लांट का निरीक्षण विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने किया। इस दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था से अतिशीघ्र आक्सीजन प्लांट चालू करने का निर्देश दिया तथा बताया कि विश्वविद्यालय में समुचित मात्रा में कोविड एवं नॉन कोविड वार्डों के लिए आक्सीजन उपलब्ध है। नये आक्सीजन प्लांट के बन जाने से आकस्मिक डिमान्ड बढ़ने पर बिना रूकावट के कोविड-19 अस्पताल एवं जरूरी लाइफ सेविंग वार्डों को आक्सीजन आपूर्ति हो सकेगी। इस अवसर पर कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव के साथ कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 एसपी सिंह, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डा0 सुनील कुमार, डा0 सोमेन्द्र पाल सिंह, डा0 अमित चैधरी, डा0 राजमंगल तथा प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर आदि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने बताया कि जल्दी ही 1000 लीटर क्षमता वाला यह आक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो जायेगा। इस नये आक्सीजन प्लांट के अतिरिक्त पहले से चालू आक्सीजन प्लांट से भी आक्सीजन बनाया जाता रहेगा। नये आक्सीजन प्लांट के बन जाने से आकस्मिक डिमान्ड बढ़ने पर बिना रूकावट के कोविड-19 अस्पताल एवं जरूरी लाइफ सेविंग वार्डों जिसमें आईसीयू, एनआईसीयू, सर्जिकल आईसीयू, पीडियाट्रिक आईसीयू तथा आप्रेशन थियेटर में लगातार आक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में कोविड संक्रमित मरीजों तथा अन्य गंभीर रोगियों के इलाज तथा साँस की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए आक्सीजन चोबीस घंटे पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि नये आॅक्सीजन प्लांट के बन जाने से कोविड-19 मरीजों के अलावा अन्य गंभीर मरीजों को भी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश आकस्मिक आक्सीजन डिमान्ड बढ़ती है तो इस नये बन रहे आक्सीजन प्लांट से उस कमी को पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा विश्वविद्यायल के पूर्व प्लांट से भी आॅक्सीजन बनाना पहले की तरह जारी रहेगा।

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