July 5, 2022

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इटावा 05 जून*चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई में वृक्षारोपण कर पर्यावरण दिवस मनाया गया

इटावा 05 जून*चिकित्सा विश्वविद्यालय सैफई में वृक्षारोपण कर पर्यावरण दिवस मनाया गया
कुलपति डॉ रमाकांत यादव, सहित कई चिकित्सको ने किया बृक्षारोपण

(सुघर सिंह सैफई)

इटावा । उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई में पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण किया गया।

विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने प्रशासकीय भवन के निकट अशोक का पौधा लगाकर विश्व पर्यावरण दिवस की शुरूआत की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 एसपी सिंह, कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डा0 सुनील कुमार, अपर चिकित्सा अधीक्षक कोविड-19 डा0 अनिल शर्मा, विभागाध्यक्ष शिशु एवं बाल रोग डा0 राजेश यादव, ओपीडी प्रभारी डा0 आईके शर्मा वित्त अधिकारी प्रदीप कुमार, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी केबी अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी उमाशंकर आदि उपस्थित रहे।
पर्यावरण दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में बोलते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रो0 (डा0) रमाकान्त यादव ने कहा कि प्रकृति से छेड़छाड़ ने पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र (इकोलाॅजिकल सिस्टम) को खतरे में डाल दिया है, जिसका परिणाम पृथ्वी के साथ मानव जीवन पर भी गंभीर रूप से पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते पारिस्थितिकी तंत्र के कारण हर साल नई-नई बीमारियाॅ जन्म ले रही हैं। ऐसे में प्रकृति को पुनः सुन्दर बनाने हेतु बडी संख्या में पौधों को लगाने की आवश्यकता है।
सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 एसपी सिंह ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम ‘‘पारिस्थ्तििकी तंत्र की बहाली‘‘ (इकोसिस्टम रिस्टोरेशन) है। जंगलों को नया जीवन देकर उन्हें संरक्षित करके तथा पेड़-पौधे लगाकर, बारिश के पानी को संरक्षित करके और तालाबों के निर्माण से हम पुनः पारिस्थितिकी तंत्र को रिस्टोर कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सुरेश चन्द्र शर्मा ने बताया कि वर्तमान में तेजी से बढ़ती प्राकृतिक आपदायें, बाढ़, भूकम्प, गर्मी बेमौसम बरसात मानव द्वारा पर्यावरण से छेड़छाड़ का ही नतीजा है। इसे जितना जल्दी समझा जाये उतना ही अच्छा होगा। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस की शुरूआत वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से की गई थी।